जम्मू कश्मीर में 4 साल में ऐसे हुआ बदलाव

जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा 7 अक्तूबर को अपने कार्यकाल के 50 महीने पूरे कर लेंगे। उनके कार्यकाल की शुरुआत ऐसे समय हुई जब आर्टिकल 370 हटे ज्यादा समय नहीं हुआ था और देश कोविड महामारी से जूझ रहा था। उस दौर की चुनौतियों के बाद अब जम्मू कश्मीर में सुरक्षा, पर्यटन, निवेश और विकास को लेकर नई चर्चा हो रही है।

कैपिटल हेडलाइन्स के वात्सल्य राय ने श्रीनगर में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से उनके कार्यकाल की उपलब्धियों और आगे की दिशा पर बातचीत की।

सवाल: लाल चौक से लेकर मुहर्रम जुलूस तक माहौल बदला है। जम्मू कश्मीर में यह बदलाव कैसे आया?

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा:
इसमें भारत सरकार की नीतियों का बड़ा प्रभाव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर में विशेष रुचि ली।

एक स्पष्ट संदेश था कि हमारे दरवाजे सभी के लिए खुले हैं, लेकिन एक फाइन लाइन के आगे जो जाएगा उसके खिलाफ संविधान और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

मैंने बार-बार कहा कि बेगुनाह को छेड़ो मत और गुनहगार को छोड़ो मत। इसी नीति को लागू किया गया।

भारत सरकार की स्पष्ट नीति रही कि शांति खरीदी नहीं जाती, शांति स्थापित की जाती है। इसके लिए आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने की दिशा में काम किया गया।

आम आदमी को विश्वास हुआ कि उसके साथ अन्याय नहीं होगा और उसकी बात सुनी जाएगी। इसी विश्वास के कारण लोकसभा चुनाव में 35 वर्षों में सबसे अधिक मतदान हुआ।

सवाल: जब आपने जिम्मेदारी संभाली तब कोविड और सुरक्षा दोनों चुनौतियां थीं। क्या आप कोई तय रोडमैप लेकर आए थे?

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा:
मैं कोई तय रोडमैप लेकर नहीं आया था। लेकिन जिम्मेदारी मिलने के बाद परिस्थितियों को समझकर एक रोडमैप तैयार किया गया।

आज जम्मू कश्मीर ऑनलाइन सेवाओं के मामले में देश का नंबर-1 राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। हम 1140 ऑनलाइन सेवाएं दे रहे हैं।

प्रोजेक्ट पूरे करने की रफ्तार पहले से लगभग दस गुना बढ़ी है। डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक के कनेक्टिविटी और रोड-टनल प्रोजेक्ट चल रहे हैं।

चार बड़े हाइड्रो पावर प्लांट बन रहे हैं और एयर ट्रैफिक तीन गुना हो गया है। जल्द ही कश्मीर रेल के जरिए कन्याकुमारी से जुड़ जाएगा।

सवाल: रोजगार और आर्थिक विकास के क्षेत्र में क्या बदलाव आया है?

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा:
हमने मेरिट और पारदर्शिता के आधार पर 42 हजार सरकारी नौकरियां दी हैं। साथ ही स्वरोजगार को भी बढ़ावा दिया गया।

मिशन यूथ के तहत मुमकिन, परवाह और हौसला जैसी योजनाओं के जरिए युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया है।

महिलाओं में भी बड़ा बदलाव आया है। आज 8 लाख से अधिक महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी हुई हैं और उनके व्यवसाय को बढ़ाने के लिए मदद दी जा रही है।

कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में लगभग 13 लाख परिवार जुड़े हैं और उनके विकास के लिए 29 परियोजनाएं बनाई गई हैं।

सवाल: जम्मू कश्मीर में निवेश को लेकर क्या स्थिति है?

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा:
भारत सरकार के सहयोग से हमने न्यू इंडस्ट्रियल स्कीम शुरू की।

आज निवेश के लिए जो प्रोत्साहन जम्मू कश्मीर में है, वह देश के किसी भी राज्य में नहीं है।

हमारे पास सवा लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव हैं। करीब नौ हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट शुरू हो चुके हैं और कई परियोजनाओं पर काम तेजी से चल रहा है।

सवाल: पर्यटन और फिल्म उद्योग के क्षेत्र में क्या बदलाव आया है?

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा:
पिछले वर्ष 2 करोड़ 12 लाख पर्यटक जम्मू कश्मीर आए। इस वर्ष यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।

300 से अधिक फिल्मों और ओटीटी वेब सीरीज़ की शूटिंग यहां हुई है।

श्रीनगर ही नहीं बल्कि शोपियां और पुलवामा जैसे क्षेत्रों में भी 34 साल बाद सिनेमा हॉल खुले हैं।

सवाल: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर को लेकर अक्सर चर्चा होती है। इस पर आपका क्या कहना है?

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा:
सरहद के इस पार भारत का जम्मू कश्मीर है जहां सड़क, बिजली, अस्पताल और शिक्षा की सुविधाएं हैं।

वहीं दूसरी ओर पीओके में लोगों को मूलभूत जरूरतों के लिए संघर्ष करना पड़ता है। इसलिए वहां से आवाज उठती है कि उन्हें भी भारत के साथ रहना चाहिए।

हालांकि यह विषय भारत सरकार और विदेश मंत्रालय के स्तर पर तय होने वाला है।

सवाल: आपने कई बार जोखिम वाले इलाकों में सड़क से यात्रा की है। क्या कभी सुरक्षा को लेकर चिंता हुई?

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा:
अगर नीयत और नीति सही हो तो लोगों का भरोसा मिलता है।

जब मैंने मुहर्रम के जुलूस में जाने का फैसला किया तो सुरक्षा एजेंसियों ने चिंता जताई, लेकिन मुझे भरोसा था कि जनता इसे सकारात्मक रूप में लेगी। मैं वहां गया और सुरक्षित वापस भी आया।

सवाल: आने वाले समय में जम्मू कश्मीर के लिए आपकी क्या उम्मीदें हैं?

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा:
पिछले वर्षों में जम्मू कश्मीर ने जो दिशा और रफ्तार पकड़ी है, वह आगे भी जारी रहनी चाहिए।

चुनी हुई सरकार का उद्देश्य शांति, समृद्धि और विकास होना चाहिए। अगर यही एजेंडा होगा तो मेरा पूरा सहयोग रहेगा।

सवाल: क्या आपको लगता है कि कश्मीर में लोगों की सोच में बदलाव आया है?

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा:
कश्मीर के लोगों ने अब यह समझ लिया है कि उनका भविष्य भारत के साथ है

पाकिस्तान की साजिशों को लोग समझ चुके हैं। भारत आज दुनिया की उभरती आर्थिक ताकत है और कश्मीर के लोग भी इस विकास यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं।